गैरबराबरी का मारा, हिंदोस्तां हमारा

परंपरा के मुताबिक 15 अगस्त के दिन देश के प्रधानमंत्री लाल किले पर तिरंगा फहराते रहे हैं और सरकार की ओर से देश के विकास के लिए की जा रही कोशिशों और इस दिशा में आगे की योजना की रूपरेखा रखते रहे हैं। मीडिया में आ रही खबरों के मुताबिक नरेंद्र मोदी इस दिन के अपने भाषण के लिए खास तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में उनसे यह उम्मीद रखना गलत नहीं होगा कि देश की आजादी के इस 67 साल में जिस तरह से गैरबराबरी पूरे भारत में बढ़ी है, उसे दूर करने की दिशा में वे कोई ठोस योजना देश के सामने रखेंगे और आम लोगों से ‘अच्छे दिनों’ का किया हुआ चुनावी वायदा निभाने की दिशा में ठोस कदम बढ़ाएंगे।

दशक की सबसे बड़ी चुनौती

आज से शुरू हो रहे दशक में तो वैसे भारत के सामने कई चुनौतियाँ हैं लेकिन अगर इस दशक में गैरबराबरी पर काबू पा लिया जाए तो कई समस्याओं का समाधान खुद-ब-खुद हो जाएगा। सही मायने में दशक की सबसे बड़ी चुनौती तो तेजी से बढती गैरबराबरी है। दुनिया की एक प्रमुख आर्थिक पत्रिका फोर्ब्स ने बीते दिनों भारत के सौ सबसे अमीर लोगों की सूची जारी की। इस सूची के मुताबिक भारत के सौ सबसे अमीर लोग 276 अरब डालर के मालिक हैं। यह देश के कुल जीडीपी का एक चैथाई है। सही मायने में देखा जाए तो ऐसा होना मौजूदा आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्था की नाकामयाबी को ही दर्शाता है। क्योंकि इसमें अमीर की अमीरी और गरीबों की गरीबी बढ़ती ही जा रही है। पूरी आर्थिक सत्ता का कुछ हाथों में केंद्रित होते जाना एक खास तरह का असंतुलन पैदा कर रहा है।