डीसीआईः नियमन के नाम पर भ्रष्टाचार

देश भर में दंत चिकित्सा और इसकी पढ़ाई कराने वाले संस्थानों के नियमन के मकसद से 12 अप्रैल, 1949 को स्थापित डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (डीसीआई) पर आज कई तरह की अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं. डीसीआई के कार्यों में से एक प्रमुख कार्य है देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे डेंटल कॉलेजों को मान्यता देना. डीसीआई की मान्यता के बगैर कोई भी कहीं डेंटल कॉलेज नहीं चला सकता है. आरोप यह लग रहा है कि कॉलेजों को मान्यता देने के मामले में डीसीआई नियम-कानूनों का पालन नहीं कर रही है और गलत ढंग से मान्यता देने और रद्द करने का खेल चला रही है.