रियायत और सियासत

इस साल यानी 2013-14 का आम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने देश के बढ़ते वित्तीय घाटे के लिए कई वजहें गिनाई। उन्होंने आम लोगों को दी जा रही कई तरह की सब्सिडी को सबसे अधिक जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने किसानों को उर्वरकों पर मिल रही सब्सिडी पर भी सवाल उठाए। चिदंबरम ने कहा कि अगर देश के वित्तीय घाटे को कम करना है तो इसके लिए सब्सिडी पर हो रहे सरकार के खर्चे को कम करना होगा। इसका मतलब यह हुआ कि सब्सिडी में कटौती करनी होगी। लेकिन कारपोरेट घरानों को मिल रही लाखों करोड़ रुपये की सब्सिडी पर उन्होंने तनिक भी चिंता नहीं जताई। रघुराम राजन ने भी सब्सिडी कम करने की जरूरत पर बल दिया।