मंसूबे और मुश्किलें

12वीं पचवर्षीय योजना बनकर तैयार है। राष्ट्रीय विकास परिषद ;एनडीसीद्ध से मंजूरी मिलने के बाद अब संसद से इसे मंजूरी दिलाने की औपचारिकता भर बची है। यह योजना बनी तो है 2012 से 2017 के लिए लेकिन लागू हो रही है साल भर की देरी से। इस लिहाज से कहा जा सकता है कि इसे संसद से मंजूरी दिलाना बस औपचारिकता मात्र है। क्योंकि इसके मसौदे के आधार पर ही विभिन्न मंत्रालय अपनी योजनाएं बना रहे हैं और इस साल का बजट भी इसे आधार बनाकर ही तैयार किया जा रहा है।