अखबारी मिलावट के खिलाफ मुहिम

बीते आम चुनाव में जब कई अखबारों ने विज्ञापन को खबर के तौर पर परोसा तो उन अखबारों के प्रबंधन ने सोचा भी नहीं होगा कि उनके इस मिलावटी रवैये के खिलाफ एक मुहिम चल पड़ेगी। पर ऐसा हो गया है। इस मुहिम को नेतृत्व करने और गति देने का काम भी उसी शख्स ने किया है जिसके योगदान को हिंदी पत्रकारिता में बेहद अहम माना जाता है। जनसत्ता निकालकर हिंदी पत्रकारिता को एक नया तेवर देने का काम करने वाले प्रभाष जोशी खबरों और विज्ञापन के घालमेल के खिलाफ मुहिम छेड़े हुए हैं।