मेक इन इंडिया की चुनौतियां

मेक इन इंडिया पहल सीधे-सीधे मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र से जुड़ी हुई है। इसके तहत पूरा जोर इस बात पर है कि देश में विनिर्माण बढ़ाया जाए। प्रधानमंत्री ने कई मौकों पर इस बारे में जो बातें बोली हैं, उससे लगता है कि वे इस क्षेत्र को देश के आर्थिक विकास को गति देने के साथ बेरोजगारी कम करने के लिए भी जरूरी मानते हैं। मेक इन इंडिया योजना शुरू करते वक्त प्रधानमंत्री ने जो बातें बोलीं, उससे एक बात यह भी निकलती है कि वे किसी भी तरह भारत में निवेश लाना चाहते हैं और इसके लिए कारोबारी घराने जिन जरूरी शर्तों को पूरा करने की बात करते हैं, उन्हें पूरा करने के लिए मोदी सरकार प्रतिबद्ध है। सरकार ने ऐसे 25 महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान की है जिनमें भारत अग्रणी बन सकता है।