युवा प्रतिभा की कद्र जरूरी

बड़े चैनलों के प्रमुख और बड़े अखबारों के संपादकों के मुंह से यह सुना जा सकता है कि आजकल जो नए लोग मीडिया में आ रहे हैं, वे अपेक्षा के मुताबिक नहीं हैं। उनका कहने का तात्पर्य यह होता है कि जो भी नए युवा मीडिया में आ रहे हैं, वे सक्षम नहीं है। मीडिया में शीर्ष पर बैठे हुए इन संपादकों की बातों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। इसे एक सामान्य प्रतिक्रिया मानकर छोड़ना ठीक नहीं है। क्योंकि यह एक बेहद गंभीर बात है। गंभीर और अहम इसलिए भी है कि यह एक पूरी पीढ़ी की क्षमता पर सवालिया निशान लगाता है। इसलिए इसकी पड़ताल आवश्यक हो जाती है।