बहादुरी का दमन

बीते दिनों श्रीलंका की एक अदालत ने वहां के एक पत्रकार जेएस तिसैनयागम को बीस साल के जेल की सजा सुना दी। तिसैनयागम को उनके दोस्त थिस्सा बुलाते हैं। उन्हें बीस साल कैद की सजा इसलिए सुनाई गई कि उन्होंने दो ऐसे लेख लिखे थे जिसे वहां की सरकार और वहां की न्यायपालिका देश के कानूनों के खिलाफ मानती थी। उन्होंने ये लेख 2006 और 2007 में नार्थ ईस्टर्न हेराल्ड पत्रिका में लिखे थे। यह पत्रिका अब बंद हो गई है।