‘इस तरह से तो लोकतंत्र में गरिमा ही नहीं बचेगी’

कांग्रेस प्रवक्ता राशीद अल्वी, हिमांशु शेखर को बता रहे हैं कि आहलूवालिया को इस बात का अहसास नहीं है कि उन्होंने क्या कर दिया है. वे कहते हैं, ‘आहलूवालिया ने लीकिंग से इनकार करते हुए मुझसे नंबर मांगा लेकिन मैंने नंबर देने से मना कर दिया. बैठक से बाहर निकलते वक्त दरवाजे पर ही मैंने दोबारा उस पत्रकार को फोन लगाकर पूरी बातचीत वहां मौजूद पत्रकारों को सुनाने की कोशिश की. इसी बीच आहलूवालिया वहां आ गए और उन्होंने मुझे जोर से धक्का दे दिया और मेरा फोन मेरे हाथ से छीनना चाहा. इसमें मेरा फोन नीचे गिर गया और मेरा चश्मा भी निकलकर जमीन पर गिर गया.’

‘Problem with the BCCI is that its dealings are opaque’

Ajay Maken’s pet project, the Sports Bill, was aimed at ushering transparency and accountability in the functioning of sports federations. However, the Cabinet rejected it in August and asked the sports minister to rework it. Armed with a new Bill, he is ready to try his luck again. But the BCCI is still unhappy. And it can influence the Cabinet. Why is the Bill so important? Has it been diluted to please a few? In a candid chat with Himanshu Shekhar and Janani Ganesan, Maken explains the changes to the Bill that could have far-reaching impact.

‘यह विधेयक खेलों की तसवीर बदल देगा’

देश के खेल संघों पर लंबे समय तक काबिज रहकर वहां जमींदारी चलाना कई नेताओं का शौक बन गया है. इसका नतीजा यह हो रहा है कि तकरीबन सवा अरब आबादी वाले देश का प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में अपेक्षा का अनुरुप नहीं होता. लंबे समय से खेल संघों में व्याप्त अराजकता को दूर करने की मांग उठती रही है. देश में खेलों की दशा और दिशा बदलने के मकसद से नया कानून लाने की कोशिश कर रहे केंद्रीय खेल मंत्री अजय माकन से हिमांशु शेखर और जननी गणेशन की बातचीत के खास अंशः

‘चरणबद्ध तरीके से निजी क्षेत्र में लागू हो आरटीआई’

सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून लागू हुए छह साल हो गए हैं. इस छह साल के सफर में आरटीआई ने यह साबित कर दिया है कि सही ढंग से इस्तेमाल करने पर यह भ्रष्टाचार समेत कई समस्याओं को निपटाने में एक असरदार औजार साबित हो सकता है. वहीं आरटीआई कार्यकर्ताओं की लगातार हो रही हत्या को इस कानून को निष्प्रभावी बनाने की कोशिश कहा जा रहा है. ऐसे में एक काबिल और ईमानदार प्रशासनिक अधिकारी के तौर पर अपनी पहचान बनाने वाले सत्यानंद मिश्रा का केंद्रीय सूचना आयुक्त (सीआईसी) बनना यह उम्मीद जगाता है कि आरटीआई जैसे अहम औजार को और धार मिलेगी. सूचना का अधिकार (आरटीआई) से जुड़े तमाम पहलुओं पर सत्यानंद मिश्रा से हिमांशु शेखर की बातचीत के खास अंशः

‘जो भी देश तोड़ने की बात करेगा हम उस पर हमले करेंगे’

उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण पर हमला करने वाले भगत सिंह क्रांति सेना के अध्यक्ष तेजिंदर पाल सिंह बग्गा हिमांशु शेखर को बता रहे हैं कि हमें भारतीय जनता युवा मोर्चा में वह नहीं करने दिया जा रहा था जो हम करना चाहते थे. तेजिंदर ने कहा, ‘जो लोग देश तोड़ने की बात करते हैं उनके खिलाफ ऐसा करने के लिए हमें मजबूर होना पड़ा है. ये ऐसे लोग हैं जो कश्मीर को भारत से अलग करने की बात तो करते ही हैं साथ ही आतंकवादी कसाब की फांसी का विरोध भी करते हैं. ये माओवादियों का पक्ष लेते हैं. प्रशांत भूषण बार-बार भारत विरोधी बयान दे रहे थे.’

‘कांग्रेस दोहरे चरित्र वाली पार्टी है’

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने हिमांशु शेखर को बताया कि कांग्रेस के साथ मिलीभगत के आरोप बेबुनियाद हैं. उन्होंने बताया, ‘यह आरोप बिल्कुल बेबुनियाद है कि भाजपा और कांग्रेस में गुपचुप तरीके से कोई समझौता हो गया है। अगर ऐसा होता तो हम संसद से लेकर सड़क तक ये मामले इतनी मजबूती के साथ नहीं उठाते। हमारे पार्टी के नेता संसद में ये मामले उठा रहे हैं और कार्यकर्ता न सिर्फ दिल्ली में बल्कि देश के दूसरे हिस्सों में महंगाई के मसले पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। पार्टी गृह मंत्री पी. चिदंबरम का इस्तीफा मांग रही है। अगर भाजपा और कांग्रेस मिली होती तो ये सब नहीं होता।’