‘कांग्रेस दोहरे चरित्र वाली पार्टी है’

भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने हिमांशु शेखर को बताया कि कांग्रेस के साथ मिलीभगत के आरोप बेबुनियाद हैं. उनसे हुई बातचीत के प्रमुख अंशः

राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में अनियमितता पर जब कैग की रिपोर्ट आई तो भाजपा ने दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का इस्तीफा मांगा लेकिन अब क्या आपकी पार्टी नरम पड़ गई है?

ऐसा नहीं है। हम शीला दीक्षित के इस्तीफे की मांग पर कायम हैं। भाजपा इस मामले में पूरे रंग में है और इस मसले पर हम संसद में भी अपना अभियान चला रहे हैं और सड़क पर भी। दिल्ली के कई हिस्सों में पार्टी के कार्यकर्ता विरोध-प्रदर्शनों के जरिए शीला दीक्षित को पद से हटाने की मांग कर रहे हैं। एक ही अपराध जब सुरेश कल्माड़ी जेल जा सकते हैं तो फिर शीला दीक्षित के साथ ऐसा क्यों नहीं हो सकता है। हम काफी पहले से यह बात कहते रहे हैं कि इस खेल के आयोजन में भारी अनियमितता हुई है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए। कसूरवारों को सजा दिलाने के लिए हम आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेंगे और अगर जेल भरने की जरूरत पड़ी तो उसके लिए भी भाजपा तैयार है।

जब कर्नाटक लोकायुक्त वहां अवैध खनन की बात उठा रहे थे तो भी भाजपा ने वहां के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को हटाने में काफी वक्त लगाया। अब शीला दीक्षित के मामले में आप कांग्रेस से जल्दबाजी की उम्मीद आप कैसे कर रहे हैं?

जब लोकायुक्त की रपोर्ट आई तो उसके कुछ दिनों के भीतर ही हमने येदियुरप्पा को हटा दिया। पर कांग्रेस ऐसा नहीं कर रही है। उस वक्त कांग्रेस के लोग हर रोज येदियुरप्पा का इस्तीफा मांग रहे थे लेकिन अब जब बात खुद पर आ गई है तो कैग पर ही सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस दोहरे चरित्र वाली पार्टी है और इसका असर इस पार्टी के आचरण पर दिख रहा है।

जब केंद्र में भाजपा की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार थी उस वक्त तो भाजपा के लोगों ने भी कैग की भूमिका पर सवाल उठाया था.

नहीं, हमने कभी भी कैग जैसी किसी संस्था की भूमिका पर सवाल नहीं उठाया। हम ऐसी संस्थाओं का सम्मान करते रहे हैं। जबकि कांग्रेस हमेशा से ऐसी संस्थाओं पर सवाल उठाती रही है। 2जी से लेकर जितने भी मामले में कैग की ऐसी रिपोर्ट आई है, उन सभी को खारिज करके और कैग की भूमिका पर सवाल उठाकर कांग्रेस अपना मुंह छिपाने की कोशिश कर रही है। पर देश की जनता जान गई है कि इस सरकार ने कितना भ्रष्टाचार किया है।

जब मुंबई के सेंटूर होटल मामले में कैग की रिपोर्ट आई थी तो उस वक्त के विनिवेश मंत्री ने कैग को काफी भला-बुरा कहा था।

देखिए सेंटूर होटल मामले में जांच के बाद यह पता चला कि उसमें कोई गड़बड़ी नहीं हुई। हमारी पार्टी ने कैग के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की।

वामपंथी दल भाजपा पर यह आरोप लगा रहे हैं कि कई मुद्दों पर आपर्की पार्टी कांग्रेस के साथ मिल गई है। महंगाई पर लोकसभा में चर्चा के दौरान आपके प्रस्ताव का कांग्रेस द्वारा समर्थन किए जाने से इस आरोप को बल मिला है। इस पर आप क्या कहेंगे?

यह आरोप बिल्कुल बेबुनियाद है कि भाजपा और कांग्रेस में गुपचुप तरीके से कोई समझौता हो गया है। अगर ऐसा होता तो हम संसद से लेकर सड़क तक ये मामले इतनी मजबूती के साथ नहीं उठाते। हमारे पार्टी के नेता संसद में ये मामले उठा रहे हैं और कार्यकर्ता न सिर्फ दिल्ली में बल्कि देश के दूसरे हिस्सों में महंगाई के मसले पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आपने देखा कि महंगाई पर विरोध प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं पर दिल्ली में किस तरह से लाठियां चलाई गईं। कई कार्यकर्ता घायल हुए। पार्टी गृह मंत्री पी. चिदंबरम का इस्तीफा मांग रही है। अगर भाजपा और कांग्रेस मिली होती तो ये सब नहीं होता।

महंगाई पर अब आगे आपकी पार्टी की क्या रणनीति है?

भाजपा का मानना है कि कांग्रेस की अगुवाई वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार की गलत नीतियों का परिणाम महंगाई के तौर पर दिख रहा है। जब जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए थे उस वक्त नहीं उठाए गए। पार्टी कार्यकर्ता जगह-जगह विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं हम राज्यसभा में फिर से महंगाई पर एक नया प्रस्ताव लाने जा रहे हैं। हम चाहते हैं कि राज्यसभा में नए सिरे से इस मसले पर बहस और लोगों को महंगाई से राहत दिलाने के लिए जल्द से जल्द कोई रास्ता निकले।

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